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I.A.S. Officer बनने के लिये कुछ खास टिप्स





  • सिविल सर्विसेज की तैयारी करने से पहले इस एग्जाम की फिलोसफी को समझना बहुत जरुरी है
  • क्योंकि दिन-रात पढना, अच्छी कोचिंग जाना या सैकड़ों किताबें पढना इस एग्जाम में सफलता की गारंटी नहीं है
  • सफल व्यक्ति का भाषण ना सुनें – तैयारी करने वाले सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे हर सफल व्यक्ति का भाषण बड़े गौर से सुनते हैं और उसे कॉपी करने की कोशिश करते हैं जो बहुत घातक साबित होता है क्योंकि सफल व्यक्ति कभी भी पूरी ईमानदारी से अपनी पढ़ाई का तरीका नहीं बताता
  • वह हर चीज़ को बढ़ा- चढ़ाकर बताता है क्योंकि वह अपने आप को दूसरों से विशेष दिखाना चाहता है
  • हम जो देखते, सुनते और पढ़ते हैं वह हमेशा सही नहीं होता – इसलिए किसी की बात को सुनकर उसपर आँख करके विश्वास मत करो ...ना ही उसकी कॉपी करो
  • जो लोग कहते हैं कि उन्होंने 5 साल तक 18-18 घंटे मेहनत की तब IAS बन पाए हैं ...उनपर दया करो ...क्योंकि मुझे लगता है अगर किसी व्यक्ति को इस एग्जाम को क्लियर करने में इतना समय लगा तो उससे बड़ा गधा इस दुनिया में और कोई नहीं हो सकता
  • जबसे नया पैटर्न आया है यह परीक्षा इतनी आसान हो गई है कि अब 45% अंक लाने पर IAS टॉप कर जाते हैं और 38% मार्क्स आ जाने पर आपका IAS बनना पक्का होता है
  • कभी आपने सोचा कि लोग इस परीक्षा में इतना कम स्कोर क्यों कर पाते हैं ...ध्यान रखिये कि सिलेबस बनाने वाले ना तो मूर्ख हैं और ना ही आपके दुश्मन हैं ....अगर आप कम स्कोर कर रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि आप इस एग्जाम को समझ ही नहीं पाए हैं
  • ये पक्का है कि UPSC आपकी मदद करने के लिए ही बैठा है ... पर सवाल यह है कि आप अपना हाथ आगे बढ़ा पा रहे हैं या नहीं
  • कुछ समय से लगातार यह हौआ बनाया जा रहा है कि सिविल सर्विसेज एक बहुत ही मुश्किल और कठिन एग्जाम है ....और यह हौआ बनाने में मार्केट फोर्सेज का सबसे ज्यादा योगदान हैं ताकि डरकर आप कोचिंग क्लासेज ज्वाइन करो....और सैकड़ों किताबें खरीदो
  • ग्रेजुएट राजा से बड़ा होता है- याद रखिये आप ‘स्नातक’ हैं पर आजकल आप स्नातक की मर्यादा की रक्षा नहीं कर पाते ...उपनिषद में एक सन्दर्भ है कि जब किसी स्नातक की सवारी निकलती थी तो राजा अपनी सवारी सड़क के किनारे रोककर स्नातक को रास्ता देते थे
  • यदि आप में स्नातक हैं तो आपको सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए किसी की मदद की जरुरत नहीं है
  • पर आजकल परेशानी यह है कि लोग केवल परीक्षा में अंक लाने के लिए पढ़ते हैं कुछ सीखने के लिए .....मेरा दावा है कि अगर आपको अपनी 12 वीं तक की पूरी पढ़ाई याद है तो कोई भी आपको सिविल सर्विसेज क्वालीफाई करने से नहीं रोक सकता
  • सिविल सर्विसेज के एग्जाम में 12 वीं तक का ज्ञान व एक ग्रेजुएट की विचार क्षमता का परीक्षण किया जाता है 
  • इस परीक्षा में आपसे वही पूंछा जाता है जिसकी अपेक्षा एक सामान्य व्यक्ति से की जा सकती है
  • हर काम को करने से पहले अपने आप से यह सवाल पूँछिये कि आप यह काम क्यों कर रहे हैं
  • सिविल सर्विसेज की तैयारी में ‘ध्येय’ महत्वपूर्ण है ना कि वहां पहुँचने का तरीका ...इसलिए तैयारी का कोई तरीका सटीक नहीं है ...आपकी नज़र ध्येय पर होनी चाहिए रास्ता अपने आप बनता जाता है
  • IAS ज्ञान की परीक्षा नहीं है – सिविल सर्विसेज में आपका ज्ञान नहीं जांचा जाता बल्कि आपमें वह काबिलियत देखि जाती है जो एक सिविल सेवक में होना चाहिए
  • जो पढ़ते हैं वह आगे कभी काम नहीं आता – IAS की तैयारी के लिए आप जो भी विषय पढ़ते हैं चयनित हो जाने के बाद वो कहीं काम नहीं आते .....अगर कुछ काम आता है तो वह है आपकी स्किल्स ....इसीलिये यह परीक्षा आजकल ज्ञान की जगह व्यक्तित्व की परीक्षा बन गई है
  • UPSC के किसी फॉर्म में आपसे ये कभी नहीं पूंछा जाता कि आपने कौन सी किताबें पढी हैं या आप दिन में कितने घंटे पढ़ते थे ......बल्कि यह पूंछा जाता है कि आपकी हाबीज क्या हैं क्योंकि आपकी हाबीज ही आपके व्यक्तित्व की पहचान हैं
  • ज्ञानी व्यक्ति बहुत बुरे प्रशासक होते हैं – जो व्यक्ति बहुत ज्ञानी होते हैं वो सामान्यतः अच्छा प्रशासन अन्हीं चला पाते इसलिए यह परीक्षा सबसे ज्यादा ज्ञानी लोगों की खोज करने के लिए नहीं है
  • ज्ञानी ही चाहिए होते तो यूनिवर्सिटी टॉपर को ही सीधे IAS बना देते – कितना आसान था UPSC के लिए भी ...अगर उन्हें देश के सबसे ज्ञानी लोगों को IAS बनाना होता तो वे परीक्षा कराने की वजाय सीधे हर यूनिवर्सिटी के टॉपर को ही IAS बना देते
  • अनपढ़ अकबर देश का सबसे अच्छा प्रशासक था – अकबर तो बिलकुल पढ़ा लिखा नहीं था पर उसके शासन को देश के सबसे बेहतरीन प्रशासन के लिए जाना जाता है ...यहाँ तक कि उस समय देश के सबसे बेहतरीन विद्वान् भी उसके नवरत्नों में शामिल थे और अकबर उनके ज्ञान का प्रशासन चलाने में इस्तेमाल करता था ......क्योंकि अकबर में प्रशासनिक क्षमता अच्छी थी
  • कोई अर्थशास्त्री आज तक सफल व्यवसायी नहीं बन पाया – बड़े बड़े अर्थशास्त्री जिन्होंने बिजनेस बढाने की बड़ी बड़ी तरकीबें सुझायीं ....कभी अच्छे व्यवसायी नहीं बन पाए ....क्योंकि उनमें किताबी ज्ञान ज्यादा और व्यवहारिक ज्ञान कम था
  • सिविल सर्विसेज आपके व्यवहारिक ज्ञान की परीक्षा है I व्यवहारिक ज्ञान आपके ऑब्जरवेशन,अनुभव, विश्लेषण और कॉमनसेंस से मिलकर बनता है
  • जो प्रश्न उठाना नहीं जानता व IAS नहीं बन सकता – हर बात जो आप सुनते देखते या देखते हैं उस पर प्रश्न उठाइये...उस पर शक कीजिये ...और जब तक पूरी तरह संतुष्ट ना हो जाएँ तब तक उसे ना मानिए
  • सिविल सर्वेन्ट्स में दो सबसे बड़े गुण होते हैं – ओरिजिनालिटी और डिसीजन मेकिंग
  • UPSC आपमें वह रॉ मटेरियल ढूंढती है जिसे आगे चलकर एक बेहतरीन प्रशासक के रूप में ढाला जा सके
  • IAS की तैयारी मतलब आ बैल मुझे मार – सिविल सर्विस में आने का मतलब है अपने सिर पर और जिम्मेदारियां लेना .....यदि आप जिम्मेदारियों से बचना चाहते हैं या अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों को ही अच्छे से पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो कृपया इस फील्ड में ना आयें
  • देखें ..आप बदलाव के लिए कितने तैयार हैं – सिविल सेवक बनने की चाहत रखने का अर्थ है आप अपनी वर्तमान पहचान बदलकर सिविल सेवक के रूप में पचाने जाना चाहते हो ....याद रखिये कि अगर आप अपनी इमेज बदलना चाहते हैं तो आपको उसके लिए स्वयं में बहुत बदलाव करने की जरुरत है ....क्या आप इन बदलावों के लिए तैयार हैं
  • जो पूंछा जाता है वह किताबों में नहीं है – सिविल सर्विसेज में जो पूंछा जाता है वह किताबों में नहीं होता ....क्योंकि यहाँ वह पूंछा जाता है जो अभी चल रहा है
  • चयन इस आधार पर कि आप नया क्या सोच पाते हैं – सिविल सर्विसेज में आपका चयन इस बात पर निर्भर करता है कि आप किसी भी विषय पर क्या नया सोच पाते हैं ....और कुछ भी नया आप तब सोच पाते हैं जब आप अपना खुद का ऑब्जरवेशन विकसित करते हैं और अपने ऑब्जरवेशन को तार्किक तरीके से लोगों के सामने रख पाते हैं
  • सरल’ सबसे कठिन होता है – IAS में आजकल बहुत आसन प्रश्न पूंछे जाते हैं जिनके उत्तर सबको आते हैं पर सब लिखते अलग अलग हैं ....आपके यही उत्तर आपको दूसरों से अलग दिखाते हैं
 साभार - नीलम मिश्रा & ध्रुव कुमार 



दोस्तो कोचिंग संस्थान के बिना अपने दम पर Self Studies करें और महत्वपूर्ण पुस्तको का अध्ययन करें , हम आपको Civil Services के लिये महत्वपूर्ण पुस्तकों की सुची उपलब्ध करा रहे है –
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College Student, IAS की तैयारी कैसे शुरू करें ?




UPSC सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षा के रूप में माना जाता है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के अंतर्गत कौशल और सफल होने की क्षमता दोनों की ही ज़रूरत होती है। इसी वजह से यह सलाह दी जाती है कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू करने के लिए सबसे अच्छा समय कॉलेज समय होता है, क्योंकि इस दौरान आपके पास अपने विषय से संबंधित सभी अवधारणाओं को मज़बूती से समझने के लिए पर्याप्त समय मिलता है।

लेकिन, अपने कॉलेज समय में भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी करना आसान काम नहीं है!

ज़्यादातर कॉलेज के छात्रख़ासकर इंजीनियरिंग के छात्र, अपने कॉलेज प्रोजेक्ट्सअसाइंमेंट्स, टेस्ट आदि में काफी व्यस्त रहते हैं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा के रूप में इस प्रतिस्पर्धी परीक्षा के लिए कम से कम 4-6 घंटे अध्ययन करने की ज़रुरत होती है और सप्ताहांत के दौरान एक विस्तृत संशोधन योजना की आवश्यकता भी होती है।
कॉलेज के दौरान UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कैसे करें से संबंधित हम यहां एक संक्षिप्त परीक्षा तैयारी रणनीति और युक्तियां उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे जिससे आप IAS प्रारंभिक परीक्षा 2016 में सफलता हासिल कर सकें।

कॉलेज के छात्रों के लिए UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए तैयारी गाइड

किसी भी प्रकार की परीक्षा के लिएपहला कदम लिखित परीक्षा के संदर्भ में चयन पैटर्नपरीक्षा पैटर्न और सिलेबस से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ शुरू होता है।
UPSC IAS परीक्षा को समझना: भारतीय सिविल सेवा परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है, आमतौर पर इसे UPSC के रूप में जाना जाता है। यह परीक्षा देश की सबसे मुश्किल भर्ती परीक्षाओं में से एक है, IASपरीक्षा में शामिल होने के लिए हर उम्मीदवार को स्क्रीनिंग के 3 स्तरों से होकर गुज़रना होता है।
  1. IAS प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ MCQ आधारित)
  2. IAS मुख्य परीक्षा (लिखित परीक्षा)
  3. साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण
इसलिएपहले आपको अपनी तैयारी UPSC IAS प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करने से शुरुआत करनी चाहिए। यहां हम आपको आपके कॉलेज समय में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए कुछ तैयारी टिप्स बता रहे हैं।

1. NCERT की पुस्तकों के साथ शुरूआत करें

NCERT की पुस्तकें अच्छे ज्ञान का भंडार का स्रोत होने के साथ-साथ एक सरल विधि की परिचायक भी हैं इसलिएNCERT की पुस्तकों के साथ शुरूआत करना एकदम सही क़दम है। इन पुस्तकों की मदद से आप जटिल अवधारणाओं को समझ पाएंगे और है अध्ययन की एक मजबूत नींव का निर्माण करने के लिए मदद करते हैं।
हम आपको अनुशंसित करते हैं कि आप एक नोटबुक बनाएं जिसमें  हर पुस्तक को पढ़ने के बाद आप उसमें से महत्वपूर्ण जानकारियां उसमें नोट करते रहें इससे आपको रीविज़न के दौरान अध्ययन में मदद मिल सके। NCERT की कक्षा छठी से बारहवीं की पुस्तकों को पढ़ने के बादआप अधिक विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए आगे बढ़ सकते हैं। NCERT की पुस्तकों के बाद आप भारतीय राजनीति के लिए लक्ष्मीकांत, आज़ादी के पूर्व और आज़ादी के बाद के विस्तृत अध्ययन आदि के लिए बिपिन चन्द्र की स्नातक स्तर की पुस्तकें पढ़ सकते हैं।

2. दैनिक करंट अफेयर्स और न्यूज डाइजेस्ट पर आधारित पुस्तकें

आसपास की नवीनतम घटनाओं के बारे में पता करने के लिए कोई विकल्प मौजूद नहीं है। मनोरमा और जिस्ट पत्रिकाएं मौजूदा मामलों से संबंधित संक्षिप्त विश्लेषण उपलब्ध कराएंगी लेकिन दैनिक समाचार-पत्र पढ़ने से लेखन कौशल में सुधार करने से निबंध लेखन में काफी हद तक मदद मिलेगी। द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस IAS उम्मीदवारों के लिए बहुत प्रसिद्ध समाचार-पत्र हैं।
हालांकियह बेहद महत्वपूर्ण बात है कि आप समाचार-पत्र को सही तरीके से पढ़ने की कला को जानते हों यानि आपकोIAS परीक्षा के लिए चुनिंदा प्रासंगिक विषयों पर ध्यान केंद्रित करना होगा और समाचार-पत्र की अनावश्यक सामग्री को छोड़ देना चाहिए जिससे समय की बर्बादी न हो सके।
हम समाचार-पत्र पढ़ने के सही तरीक़े को आपके समक्ष रखने जा रहे हैं जोकि महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित है जिसे आप एक नोटबुक की मदद से दैनिक रुप से नोट कर सकते हैं। इस नोटबुक को हमने आठ श्रेणियों में विभाजित किया है:
  • अंतर्राष्ट्रीय संबंध (एशिया और आसपास)
  • अंतर्राष्ट्रीय संबंध (अमेरिका और दुनिया)
  • सरकारी नीतियां और योजनाएं
  • व्यक्तित्व
  • पुरस्कार
  • खेल
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठन
  • सामाजिक मुद्दे
  • आर्थिक नीतियां
  • रक्षा
इससे आपको नवीनतम घटनाओं पर कड़ी नजर रखने और उन्हें आसानी से याद करने में मदद मिलेगी।

3. तैयारी करने की अपनी अनोखी शैली विकासित करना

भारतीय प्रशासनिक सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करना किसी रोमांच से कम नहीं है, इसलिए आपको अपनी स्नातक स्तर की पढ़ाई की अवधि के दौरान अपनी ज़िम्मेदारी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। UPSC अच्छे स्नातक ग्रेड की सराहना करता है। आपके स्नातक स्तर की पढ़ाई के दौरान आपके द्वारा चुने गए विषय की जानकारी साक्षात्कार के दौर में काम आ सकती है। स्नातक स्तर के विषय से संबंधित सिलेबस पर पूरा ध्यान केंद्रित करें इससे आपके द्वारा चुने गए वैकल्पिक विषयों की तैयारी करने में आपकी मदद हो सकेगी।

IAS की तैयारी के लिए इस सामग्री के साथ आगे बढ़ें और कभी-कभी आपके साथियों का दबाव आपको एक बार फिर पूरे पाठ्यक्रम में कूदने के लिए कह सकते हैं। आपको इस बात को समझना होगा कि अनावश्यक सामग्री की दिशा में आगे बढ़ना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है और आपको कन्फ्यूज़न की स्थिति में भी डाल सकता है। मल्टी-टॉस्किंग से बचते हुए एक समय में एक विषय को ही चुनें, इससे आप उस विषय पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। एक साथ कई विषयों को चुनना आपकी एकाग्रता को नष्ट कर सकता है जिसके परिणामस्वरुप आपका रिज़ल्ट भी निचले स्तर का हो सकता है।

4. एक वैकल्पिक विषय का चयन

परीक्षा के परीक्षा पैटर्न के अनुसारआपको केवल मुख्य परीक्षा के लिए एक वैकल्पिक विषय का चयन करना होता है। मुख्य परीक्षा के विषय के चयन के लिए कॉलेज का समय एक सही समय होता है।
अधिकांश छात्रों को पहले ये जांच लेना चाहिए कि उनके स्नातक / स्नातकोत्तर विषय मुख्य परीक्षा में एक वैकल्पिक विषय के रूप में पेश किए गए हैं कि नहीं। यदि हांतो फिर वे अपने स्नातक स्तर की पढ़ाई के अधीन या किसी अन्य अपनी रुचि के अनुसार विषय का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं। यहां वैकल्पिक विषय के चयन के लिए मापदंड की एक सूची है:
  • जब आप जनरल स्टडीज़ के पेपर (प्रारंभिक) का अध्ययन करते हैंआप अपनी रुचि और समझ के अनुसार अपनी पसंद के एक विषय का चयन कर सकते हैं।
  • आप एक विषय के चयन के बादआप उस विषय के पिछले साल सवालों के माध्यम से आप अपनी तैयारी करने का मन बना सकते हैं।
  • जब आप निबंध लेखन शुरू करेंगे तब आप एक विशेष वैकल्पिक विषय के लिए आवश्यक पैटर्न और लेखन शैली के बारे में जान जाएंगे।
  • आपके द्वारा चुने गए वैकल्पिक विषय के निर्धारण में उससे संबंधित अध्ययन सामग्री और अन्य संसाधनों की उपलब्धता भी एक पहलू है।
  • जनरल स्टडीज़ के पेपर में एक वैकल्पिक विषय का वेटेज एक और पहलू है जो आपकी अपनी पसंद को प्रभावित कर सकता है।
अंत मेंएक कॉलेज के छात्र के रूप में, अब आप ये जान गए हैं कि IAS परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए एक लंबी और बहुस्तरीय प्रक्रिया है जिसके लिए कड़ी मेहनत और लगन की आवश्यकता है। जबकि कॉलेज समय सिविल सेवा के अपने लक्ष्य को पूरा के लिए अध्ययन शुरू करने के लिए सही समय है, इसलिए इस लंबी प्रक्रिया से आप अपना आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए। शुभकामनाएं!



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Negativity से कैसे दूर रहें



Negativity से कैसे दूर रहें



Suppose करिए कि आपकी बार-बार एक ही negative thought को सोचने की बुरी आदत है. और suppose करिए कि असल दुनिया में उस सोच की कोई अभिव्यक्ति नहीं है. वो बस एक नकारात्मक सोच है , जैसे ” मैं बहुत depressed हूँ” या ” मुझे अपनी नौकरी से नफरत है” या ” मैं ये नहीं कर सकता” या “मुझे अपने मोटापे से नफरत है.” आप किसी बुरी आदत से कैसे छुटकारा पायेंगे जब वो पूरी तरह से आपके दिमाग में हो ?
असल में negative thought pattern को बदलने के बहुत सारे तरीके हैं. Basic idea ये है कि पुराने thought pattern को नए से replace कर दिया जाए. मानसिक रूप से नकारात्मक सोच का विरोध करना उल्टा पड़ सकता है- आप इसे और मजबूत करते जायेंगे और स्थिति बदतर हो जाएगी. आप जितना अपने neurons को उसी दिशा में fire करेंगे, आपकी नकारात्मक सोच उतनी ही शशक्त होती जायेगी.

Step 1: अपनी negative thought को एक mental image में बदल लें.
उस आवाज को सुनिए और दिमाग में उसकी एक तस्वीर बना लीजिये.For Example, यदि आपकी सोच है कि , “मैं idiot हूँ”, तो कल्पना कीजिये कि आप मूर्खतापूर्ण कपडे पहने और जोकरों वाली टोपी लगाकर इधर उधर कूद रहे हैं. आपके चारो तरफ लोग खड़े हैं जो आपकी तरफ ऊँगली दिखा रहे हैं और आप चिल्ला रहे हैं, “मैं idiot हूँ” आप इस scene को जितना बढ़ा चढ़ा कर देखेंगे उतना बेहतर है . चटक रंगों, खूब सारे animation,यहाँ तक कि आप कुछ sex से भी सम्बंधित सोच सकते हैं यदि ये आपको याद रखने में मदद करे. इस scene को बार-बार तब तक practice करते रहिये जब तक महज वो negative line सोचने भर से आपके दिमाग में आपकी कल्पना की हुई negative mental image ना आने लगे.
यदि आपको उस विचार का चित्रण करने में दिक्कत हो तो आप उसे एक आवाज़ का भी रूप दे सकते हैं. अपनी negative thought को एक आवाज़ में बदल लें , जैसे कि कोई धुन जिसे आप गुनगुनाते हों. इस प्रोसेस follow करने में को चाहे एक sound की कल्पना करें या किसी चित्र की , दोनों ही तरह से ये काम करेगा. वैसे मैं किसी चित्र के बारे में कल्पना करना prefer करता हूँ.

Step 2: उस negative thought को replace करने के लिए कोई powerful positive thought चुनें.
अब decide करिए की negative thought को replace करने के लिए आप कौन सी positive thought चुनेंगे. जैसे कि यदि आप ये सोचते रहते हैं कि, ” मैं idiot हूँ,” तो शायद आप उसे , “मैं brilliant हूँ.” से replace करना चाहेंगे. कोई ऐसी सोच चुनिए जो आपको कुछ इस तरह से शशक्त बनाए कि आप उस negative thought के असर को कमजोर बना पाए.

Step 3: अब अपनी positive thought को एक mental image में बदल लें
एक बार फिर से Step 1 की तरह ही अपनी positive thought के लिए एक mental image बना लें. जैसे कि उदाहरण में ली गयी सोच “में brilliant हूँ” के लिए आप खुद को Superman की तरह दोनों हाथ कमर पर रख कर खड़ा हुआ होने की कल्पना कर सकते हैं.और आप सोच सकते हैं कि ठीक आपके सर के ऊपर एक bulb जल रहा है. Bulb बहुत तेज रौशनी के साथ जगमगा रहा है, और आप जोर से चीख रहे हैं, ” मैं bbbbrrrrrillllliannnnttt हूँ !”. इसकी practice तब तक करते रहिये जब तक महज वो positive line सोचने भर से आपके दिमाग में आपकी कल्पना की हुई positive mental image ना आने लगे.

Step 4: अब दोनों mental images को एक साथ जोड़ दीजिये.
आपने Step 1 और Step 3 में जो mental image सोची है , दोनों को अपने दिमाग में चिपका दीजिये. ये trick chaining नामक memory technique में प्रयोग होती है. इसमें आप पहले चित्र को दुसरे में परिवर्तित कर देते हैं. मेरा सुझाव है कि आप इस एक animated movie की तरह करिए. इसमें आपको पहला (negative picture) और आखिरी (positive picture) scene का अंदाजा है, बस आपको बीच में एक छोटा सा एनीमेशन भरना है.

Step 5: Test.
अब आपको अपने mental redirect को टेस्ट करना है कि ये काम कर रहा है कि नहीं. ये बहुत हद्द तक HTML redirect की तरह है – जब आप पुराना negative URL input करते हैं, तब आपका दिमाग उसे automatically positive की तरफ redirect कर देता है.Negative thought के दिमाग में आते ही तुरन्त positive thought आपके दिमाग में आ जानी चाहिए. अगर आपने ये सही से practice किया है तो ये automatically होने लगेगा. Negative thought दिमाग में आते ही पूरा का पूरा scene आपके दिमाग में घूम जायेगा. इसलिए आप जब भी ये सोचेंगे कि , ” मैं idiot हूँ “, भले आप पूरी तरह से aware ना हो कि आप ऐसा सोच रहे हैं, आप अंत में खुद को ये सोचता हुआ पायेंगे कि, “मैं brilliant हूँ”

अगर आपने पहले ऐसा visualization नहीं किया है तो आपको ये सब करने में कुछ समय लगेगा. Speed practice के साथ आएगी. एक बार अभ्यास हो जाने के बाद सारी चीजें सेकेंडों में हो जाएँगी. पहली बार करने में चीजें धीमी गति से होंगी,इससे discourage मत होइए . किसी भी और skill की तरह इसे भी learn किया जा सकता है,और शायद पहली बार सीखने में ये आपको ये कुछ अटपटा लगे.



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(IAS) आईएएस की तैयारी कैसे करे - सफलता के मंत्र






(IAS) आईएएस की तैयारी कैसे करे - सफलता के मंत्र

दोस्तों ,अगर आपने ने भी संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा को पास करने का दृढ़ निश्चय कर लिया है तो आपके इस दृढ़ निश्चय में इस आर्टिकल के माध्यम से आपको अवश्य ही सहायता प्राप्त होगी | आपको इस इस आर्टिकल के माध्यम से अपना (IAS) आईएएस बनने का सपना पूरा करने में अवश्य सफल होंगे | 



संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित एवं कठिन परीक्षाओं में से एक होती है | देश के करोड़ो युवा (IAS) आईएएस बनने का सपना देखते हैं, परन्तु इसकी परीक्षा प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए इसके लिए सफलता हेतु एक अच्छी रणनीति के साथ अच्छी तैयारी की भी आवश्यकता पड़ती है | इस परीक्षा में सफलता प्राप्त हेतु आपको कुछ टिप्स दी जा रही है जिनके माध्यम से आपको सफलता प्राप्त होगी-




इस परीक्षा हेतु तैयारी-

तैयारी हेतु आवश्यक समय-
यह माना जाता है कि इस परीक्षा के तैयारी हेतु समय 2 या 3 वर्ष का समय पर्याप्त होता है लेकिन अभ्यर्थी को यदि विषयवस्तु की आधारभूत समझ नहीं है तो स्टूडेंट को इस परीक्षा में कभी भी सफलता नहीं प्राप्त हो सकती है | यदि 2 या 3 साल में स्टूडेंट इस परीक्षा पर अच्छा फोकस बनाकर अच्छी तैयारी करने में कामयाबी हासिल कर सकता है | यह समय आईएएस की परीक्षा हेतु पर्याप्त माना जायेगा |


विषय वस्तु-
यदि स्टूडेंट सही विषय वस्तु का चयन करता है तो उसे  तैयारी करने में काफी आराम दायक सिद्ध होगा तथा अच्छी तैयारी करने में अग्रसर होता है | स्नातक शिक्षा के दौरान छात्र विषयवस्तु के आधार पर अपनी समझ को बढ़ा सकता है | NCERT की किताबों का अध्ययन इसके लिए लाभदायक हो सकता  है | इसके द्वारा छात्र अपनी आधारभूत समझ के साथ अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता और भाषायी कौशल का भी विकास करने में सक्षम रहता है |


पाठ्यक्रम-
किसी भी परीक्षा के तैयारी हेतु उसके पाठ्यक्रम को देखना सबसे महत्वपूर्ण होता है | हमें अध्ययन पाठ्क्रम के अनुसार ही करना चाहिए | IAS  परीक्षा संबंधी पाठ्यक्रम के सभी विषयों पर नजर रखते हुए , विषय जैसे-- हिंदी, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन शास्त्र, जीवविज्ञान, गणित, आंकड़े, लेखांकन, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, बिजनेस स्टडीज विषय होते है | जिन पर फोकस करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है |


अन्य वस्तुओं से तैयारी में सहायता-
इस परीक्षा हेतु और भी काफी चीजों से हम तैयारी करने हेतु सहायता प्राप्त कर सकते है | जैसे-  यदि छात्र स्नातक से एक राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र जैसे की - दैनिक जागरण या अन्य कोई समाचार पत्र  ,पढ़ने की आदत डाल ले तो, वह समसामयिक मुद्दो की जानकारी तो एकत्रित करेगा ही बल्कि परीक्षा में सफलता  हेतु संभावना भी बढ़ जाएगी । 

साथ ही टीवी या अन्य किसी माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन सुनना भी परीक्षा के दृष्टिकोण से लाभदायक सिद्ध हो सकता है | इसके अलावा इंटरनेट या किसी कोचिंग की सहायता ले रहें है तो यह भी आपकी तैयारी हेतु गलत नहीं माना जायेगा |


आत्म विश्वास बनाये रखें-
IAS की तैयारी हेतु सबसे महत्वपूर्ण होता है कि हमारे अंदर आत्मविश्वास की कमी नहीं होनी चाहिए | हमें इस परीक्षा की तैयारी के दौरान हमें मोटिवेशनल बुक्स का भी बीच-बीच में सहायता ले लेनी चाहिए | बिना आत्मविश्वास के यह परीक्षा पास करना तो संभव ही नहीं है | इसलिए आत्मविश्वाश कभी भी कम न होने दें, अपने घरवालो , अच्छे दोस्तों या किसी अध्यापक की भी सहायता मोटीवेट होने के लिए ले सकते हैं |


दोस्तों , उपरोक्त दी गई टिप्स के माध्यम से आपको IAS की परीक्षा की तैयारी करने में आपको अवश्य सहायता प्राप्त होगी | इस आर्टिकल के माध्यम से आप अपना IAS बनने का सपना जरूर पूरा कर सकते हैं | 


यदि अभी भी आपके मन में करियर से रिलेटेड कोई प्रश्न है तो आप आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने सवालों को पूछ सकते हैं, आपके सवालों, प्रतिक्रिया और सुझाव का हमें हमेशा इंतज़ार रहेगा | यदि आपको ये आर्टिकल पसंद आया हो तो हमारे फेसबुक पेज को like करना न भूले |





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IAS Topper Tina Dabi Success Story in Hindi




अगर आपको TV और अखबारों से परहेज नहीं होगा तो पिछले दो दिनों में आपने एक नाम ज़रूर सुना या पढ़ा होगा… वो नाम है, “Tina Dabi”.

टीना डाबी दिल्ली की वो लड़की है जिसने India के सबसे prestigious माने जाने वाले civil services exam में TOP किया है। और हैरानी की बात ये है की वो सिर्फ 22 साल की हैं और IAS Officer बनने के लिए ये उनका पहला एटेम्पट था।

लेकिन उससे पहले हम उनके बारे में कुछ और डिटेल्स जान लेते हैं - 


नाम: टीना डाबी
All IndiaRank: 1
Roll No:0256747
उम्र: 22 साल
Civil Services Exam में no. of attempts: 1
चुना गया विषय: Poltical Science / राजनीति शास्त्र
Schooling: Convent of Jesus and Mary School
College: Lady Shri Ram College (दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में से एक)
किस medium से exam और interview दिया: English
Home town/city: Delhi, (बर्थ प्लेस : भोपाल)
क्या CSE के लिए कोई coaching की : हाँ, दिल्ली में की
Service preferences (Top-5): आईएस,आईपीएस,आईएफएस, आईआरएस(आईटी),आईआरएस (सीई)
स्टेट कैडर प्रेफरेंस: हरयाणा

टीना डाबी का Educational Background

Class 10 (सीबीएसई): 90.2% (आर्ट्स सब्जेक्ट)
Class 12 (सीबीएसई): 91.4% (आर्ट्स सब्जेक्ट)
Graduation: Political Science (Eco majors)- 81।5%
Post-graduation:  नहीं किया है
Hobbies & Extracurricular achievements Hobbies:
  • Painting (मधुबनी आर्ट )
  • ट्रेवल करना
  • खेलना
  • गाना
  • बास्केटबॉल
  • Guitar बजाना
  • फोटोग्राफी
  • and reading novels of Jane Austen

Achievements:

  • University gold medal-political science
  • University topper-academic year
  • Best all round student award

Some interesting Facts:

  • टीना के माता-पिता दोनों ही trained Engineers हैं और उन्होंने भी UPSC एग्जाम clear किया हुआ है। माता जी पहले ही voluntary retirement ले चुकी हैं।
  • Tina की एक छोटी बहन हैं, वो भी आगे चल कर IAS officer बनना चाहती हैं।
  • Tina शुरू से ही अपने school और college में topper रही हैं।
  • उनका birth place Bhopal है और अब उनका परिवार Delhi में settled है।

सफलता का श्रेय किसे देती हैं :

अपनी माँ को। माँ ने ही शुरू से उन्हें IAS के लिए inspire किया और preparation में पूरी तरह उनके साथ लगी रहीं। इसलिए Tina कहती हैं, “इस success पे जितना हक़ मेरा है उतना ही मेरी माँ का भी है ”
माँ से पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, “ Tina ने बहुत -बहुत मेहनत की है …10-10 घंटे पढ़ती रहती थी।।कहना पड़ता था कि बस अब सो जाओ …”
उनकी माँ को उनपर बहुत गर्व है, उनका कहना है –
My daughter- My Hero



Civil Services Exam में सफलता के लिए क्या करना चाहिए:

इस प्रश्न के उत्तर में Tina कहती हैं :
  1. Hard work करते रहिये …there is no substitute to hard work।
  2. हार मत मानिए
  3. Focused approach रखिये
  4. Disciplined रहिये …।सब कुछ छोड़ कर पढाई करिये।
  5. Patience रखिये
  6. Determined रहिये …कोई भी दिन बेकार न जाये।
Tina ने state cadre preference में Haryana का नाम दिया है। जिसके कई कारण हैं, हरयाणा उनके घर यानि दिल्ली से सबसे करीब है, हरयाणा में gender inequality की बड़ी समस्या है जिसे वो address करना चाहती हैं, etc
तो ये तो हो गयी media से की गयी बातें। अब आते हैं main बात पर …

Tina की सफलता का सबसे बड़ा कारण क्या है ?

Tina जब 11th class में थीं तब उन्होंने peer pressure की वजह से Science subjects chose किये थे …पर अपनी माँ के समझाने पर कि तुम्हारा interest humanities subjects में अधिक है और तुम्हे वही पढ़ना चाहिए …टीना ने अपने subject change करा दिए और Arts subjects पढ़ने लगीं।
चूँकि उनके मात -पिता भी civil servants हैं इसलिए घर का माहौल ही कुछ ऐसा रहा होगा कि Tina को ये बात clear थी कि आगे चल कर उन्हें भी UPSC के exam में बैठना है। लिहाजा, वो 11th से ही अपने favourite subject Political Science को पढ़ने लगीं और आगे चल कर civil services exam में भी इसी subject को opt किया।
अपने interview में उन्होंने बताया कि वो कभी भी 8 घंटे से कम नहीं पढ़ीं और बहुत बार 14 -14 घंटे भी पढ़ाई की।
अगर हम उनका average study hours 10 भी मान लें तो ग्यारहवीं से लेकर ग्रेजुएशन तक में ही उन्होंने 5 साल खूब जम कर पढ़ाई की। अगर इसे घंटो में calculate करें तो ये होता है :
5x365x10= 18250 घंटे।
जिसमे से I am quite sure की इन अठारह हज़ार + घंटो में से directly-indirectly कम से कम दस हज़ार घंटे IAS एग्जाम से रिलेटेड चीजें पढने में लगायी होंगी, खासतौर से IAS के अपने optional subject Political Science को उन्होंने ख़ासा time दिया होगा, यही वजह है कि Political science में वो University Gold medalist भी रही हैं।
यानि, उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है काफी पहले से अपने लक्ष्य का पता होना और उसे पाने के लिए 10000 घंटे से अधिक की कड़ी मेहनत करना।
लेकिन शायद आप सोच रहे हों की बहुत से लोग 100000 या उससे अधिक घंटे पढ़ाई करते हैं पर हर कोई आईएस अफसर नहीं बन पता?
इसका राज छिप है “10000 hour rule” के दो शब्दों में…”deliberate practice” यानि जानबूझ कर अपने काम में महारथ हासिल करने के लिए एफ्फोर्ट्स डालना।
तैयारी बहुत लोग करते हैं पर मुझे लगता है कि जो लोग क्वालीफाई करते हैं वे इस एग्जाम से जुड़े हर एक aspect में खुद को improve करते रहते हैं। फिर चाहे वो लिखने का तरीका हो, subject knowledge  हो, interview की तैयारी हो, हर एक चीज में खुद को पहले से बेहतर बनाते चलते हैं। बहुत से लोग जिस चीज में अच्छे हैं बस उसी को और अच्छा करने में लगे रहते हैं लेकिन qualifiers अपनी weaknesses पर कड़ी मेहनत करते हैं और अपनी strengths को और बेहतर बनाते हैं।
और घंटों पढाई करने पर भी चयनित न होने का एक रीज़न मुझे आईएस श्रेयांश मोहन (रैंक 447) के इन शब्दों में नज़र आता है-
ज्यादा घंटे पढने की बजाए ज्यादा ईमानदारी से पढने की आदत डालें।
सची ही तो है, लोग किताबें तो घंटों लेकर बैठे रहते हैं पर पढ़ते कितना है ये मायने रखता है!
और लक फैक्टर भी कहीं न कहीं अपना role play करता है इसलिए कुछ लोग सब कुछ करने के बावजूद चूक जाते हैं…खैर ऐसे लोगों के लिए ही तो UPSC ने multiple attempts allow कर रखे हैं… so never give up…मंजिल ज़रूर मिलेगी।
दोस्तों, लक्ष्य जितना पहले clear हो जाए उसे पाने की तैयारी भी उतनी पहले से शुरू हो सकती है …और जितनी पहले तैयारी शुरू हो जाती है उतनी ही अधिक हमारे success की probability बढ़ जाती है। इसलिए, आज इस बात में time invest करना कि मैं आज से 5 साल या 10 साल बाद क्या बनना या करना चाहता हूँ …आपको एक advantageous position में डाल सकता है। So, do think about your life…do think about your future…और जब वो picture clear हो जाए तो उसे अपनी मेहनत और अपनी skills से draw करना शुरू कर दीजिये …master-piece बनने में time तो लगता ही है !
All the best!




दोस्तो कोचिंग संस्थान के बिना अपने दम पर Self Studies करें और महत्वपूर्ण पुस्तको का अध्ययन करें , हम आपको Civil Services के लिये महत्वपूर्ण पुस्तकों की सुची उपलब्ध करा रहे है –
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