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राष्ट्रीय खेल पुरुस्कार 2015 (NATIONAL SPORTS AWARDS 2015 GK in HINDI)





भारत में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय खेल पुरुस्कार (National Sports Award) 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्म दिन पर दिया जाता है।  यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में भारत के राष्ट्रपति के हाथों वितरित किये जाते है। प्रमुख खेल पुरस्कार (Sports Award) निम्न है - 


1.राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (Rajiv Gandhi Khel Ratna Award) - 
भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भारत का सर्वोच्च ( सबसे बड़ा ) खेल पुरस्कार है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के नाम से इस पुरस्कार की शुरुआत सन् 1991 - 92 से की गयी है। यह पुरस्कार किसी वर्ष में किसी खिलाड़ी द्वारा किए गए खेलों में उत्कृष्ट एवं अभूतपूर्व प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार के तहत खिलाड़ी को सम्मान स्वरूप एक पदक , प्रशस्ति पत्र तथा 7.5 लाख रुपये नगद प्रदान किये जाते हैं। शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम खिलाड़ी हैं । 

Rajiv Gandhi Khel Ratna Award 2015 -
भारत की टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा को वर्ष 2015 का राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान 29 अगस्त 2015 को भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। सानिया मिर्ज़ा यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली दूसरी टेनिस खिलाड़ी हैं इससे पहले टेनिस में केवल लिएंडर पेस ही 1996 - 97 मे यह पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं । टेनिस में यह उपलब्धि हासिल करने वाली सानिया मिर्ज़ा पहली महिला खिलाड़ी हैं। सानिया मिर्ज़ा इससे पहले 2004 मे अर्जुन पुरस्कार तथा 2006 में पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। 


2.अर्जुन पुरस्कार (Arjun Award) -
यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा 1961 से प्रारंभ किया गया है। अर्जुन पुरस्कार उन खिलाड़ी को दिया जाता है जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में किसी खेल में राष्ट्रीय या अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो तथा उस खिलाड़ी में नेतृत्व क्षमता , खेल भावना एवं अनुशासन के गुण हो। अर्जुन पुरस्कार में खिलाड़ी को पुरस्कार स्वरूप एक प्रशस्ति पत्र, अर्जुन की कांस्य प्रतिमा एवं 5 लाख रुपए नगद प्रदान किया जाता है।

Arjun Award 2015 -
वर्ष 2015 में यह पुरस्कार 17 खिलाड़ियों को प्रदान किया गया जिनके नाम निम्न हैं -
बजरंग कुमार ( कुशती ) , पी आर श्रीजेश ( हॅाकी ) एम आर पोवम्मा ( एथलेटिक्स ) सतीश शिवलिंगम ( वेटलिफ्टिंग ) जीतू राय ( शूटिंग ) मंजीत चिल्लर ( कबड्डी ) अभिलाषा म्हात्रे ( कबड्डी ) श्रीकांत किदांबी ( बैडमिंटन ) वाय संथोई देवी ( वुशु ) दीपा कर्मकार ( जिमनास्टिक ) संदीप कुमार ( तीरंदाजी ) अनूप कुमार यामा ( रोलर स्केटिंग ) मनदीप जांगड़ा ( बॅाक्सिंग ) रोहित शर्मा ( क्रिकेट ) स्वर्ण सिंह ( रोइंग ) बबीता कुमारी ( रेसलिंग) 


3.द्रोणाचार्य पुरस्कार (Dronacharya Award) -
द्रोणाचार्य पुरस्कार का आरंभ 1961 से किया गया है। यह पुरस्कार ऐसे प्रशिक्षकों (कोच ) को दिया जाता है जिनके द्वारा प्रशिक्षित किये गए खिलाड़ी या टीम ने अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो। इस पुरस्कार के तहत् प्रशिक्षकों को गुरु द्रोणाचार्य की कांस्य प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र एवं 5 लाख रुपए नगद प्रदान किया जाता है।

Dronacharya Award 2015 - 

वर्ष 2015 के द्रोणाचार्य पुरुस्कार विजेता 
नवल सिंह ( पैरा एथलेटिक्स ), अनूप सिंह ( कुशती ), हरबंस सिंह ( एथलेटिक्स ), स्वतंत्र सिंह ( बाक्सिंग ), निहार अमीन ( तैराकी )  



4.ध्यानचंद पुरस्कार (Dhyan Chand Award) -
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2002 से यह पुरस्कार दिया जाता है। यह पुरस्कार खेलों में आजीवन उपलब्धि के लिए प्रदान किया जाता है। ध्यानचंद पुरस्कार उन खिलाड़ियों को को दिया जाता है जिन्होंने न केवल खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो बल्कि सक्रिय खेल जीवन से सन्यास के बाद भी खेलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। इस पुरस्कार के तहत एक प्रशस्ति पत्र, धातु का तगमा तथा 5 लाख रुपए नगद प्रदान किया जाता है

Dhyan Chand Award 2015 -

वर्ष 2015 में ध्यानचंद पुरुस्कार से सम्मानित व्यक्ति - 
रोमियो जेम्स ( हॅाकी ) , शिवप्रकाश मिश्रा ( टेनिस ) टी पी पी नायर ( वॅालीबॅाल )



5.मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्राफी (Maulana Abul Kalam Azad Trophy) -
भारत सरकार द्वारा इस रनिंग ट्राँफी की शुरुआत 1956 -57 से की गई है। इस ट्राफी को प्रतिवर्ष उस विश्वविद्यालय को प्रदान की जाती है जिन्होंने अन्त - विश्वविद्यालय खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो । इस ट्राफी में प्रथम पुरस्कार के रूप में ट्राफी तथा 10 लाख रुपए नगद दिए जाते हैं। द्वितीय पुरस्कार में 1 लाख रुपए तथा तृतीय पुरस्कार 50000 रुपये नगद प्रदान किया जाता है।

Maulana Abul Kalam Azad Trophy 2015 -

2015 की  मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्राफी, पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) को प्रदान की गई है 


6.सी के नायडू पुरस्कार (C. K. Nayudu) -
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( BCCI ) द्वारा वर्ष 1994 से यह पुरस्कार आरंभ किया गया है। यह पुरस्कार भारतीय क्रिकेट में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है।





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नोबेल पुरस्कार प्राप्त भारतीय (GK Trick - Nobel Prize Winner Indian List in Hindi)


GK Trick - Nobel Prize Winner Indian List in Hindi



नोबेल पुरस्कार के संबंध मे समस्त जानकारी के लिये ये पोस्ट पढें - 
नोबेल पुरस्कार प्राप्त भारतीय
नोबेल पुरस्कार प्राप्त भारतीय (Indian Nobel Prize Winners) :- 
भारत को विश्वगुरु कहा जाता है एंव विश्वभर में भारतीयों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है| कई भारतीयों को उनके उत्कर्ष कार्यों के लिए नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया जा चुका है| तो आईये जानते है कि अब तक किन भारतीयों को नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित (Indian who won nobel prize) किया जा चुका है।
अभी तक कुल 9 भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है ये निम्न है  -

  1. रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) 1913 - साहित्य
  2. सर चंद्रशेखर वेंकटरमन (Sir Chandrasekhara Venkata Raman) 1930 - भौतिकी
  3. हरगोबिंद खुराना – (Hargobind Khorana) 1968 - चिकित्सा
  4. मदर टेरेसा (Mother Teresa) 1979 - शांति
  5. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर (Subrahmanyan Chandrasekhar) 1983 -भौतिकी
  6. अमर्त्य सेन (Amartya Sen) 1998 - अर्थशास्त्र
  7. वी. एस. नायपाल (V.S. Naipaul) 2001 - साहित्य
  8. वेंकटरमन रामाकृष्ण (Venkatraman Ramakrishnan) 2009 - रसायन
  9. कैलाश सत्यार्थी  (Kailash Satyarthi) 2014 - शांति

लेकिन दोस्तो इन सभी के नाम याद रखना मुश्किल है न ? तो आप चिंता मत कीजिये हम आपको एक ऐसी बता रहे है कि आप इन सभी के नामों को याद कर पाऐंगे और वो भी क्रम से - 

GK Trick - नोबेल पुरस्कार प्राप्त भारतीय 
Trick  -  {रवि सर हमारे सुबह आम ना बिके}

रवि  - रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) 1913
सरसर चंद्रशेखर वेंकटरमन (Sir Chandrasekhara Venkata Raman) 1930
हरगोबिंद खुराना – (Hargobind Khorana) 1968
मारेमदर टेरेसा (Mother Teresa) 1979
सुबहसुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर (Subrahmanyan Chandrasekhar) 1983
आमअमर्त्य सेन (Amartya Sen) 1998
नावी. एस. नायपाल (V.S. Naipaul) 2001
बिवेंकटरमन रामाकृष्ण (Venkatraman Ramakrishnan) 2009 
के कैलाश सत्यार्थी  (Kailash Satyarthi) 2014


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इन भारतीयों के बारे में वर्णन निम्न है - 

1.रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore):-
रवींद्रनाथ टैगोर नोबेल पाने वाले एशिया एंव भारत के पहले व्यक्ति (First Indian Nobel Prize Winner) थे। महान कवि और रचयिता गुरु रबींद्र नाथ टैगोर को 1913 में साहित्य (Literature) के क्षेत्र में उनकी काव्य पुस्तक ‘गीतांजलि’ (Gitanjali) के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया। रवींद्रनाथ टैगोर ने महज आठ वर्ष की उम्र से ही कवितायें (poetry) लिखनी शुरु कर दी थी। वे एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने भारत और बंग्लादेशदो देशों के लिये राष्ट्रगान (National anthem) लिखा। ‘गीतांजलि’ (Gitanjali) और ‘साधना’ (Sadhana) उनकी महत्वपूर्ण कृतियां हैं।

2.सर चंद्रशेखर वेंकटरमन (Sir Chandrasekhara Venkata Raman):-
सी.वी रमन (C.V.Raman) को भौतिकी (Physics) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए,1930 में नोबेल पुरुस्कार (Nobel Prize) से सम्मानित किया गया। डॉ. रमन ने अपने अनुसंधान में इस बात का पता लगाया कि जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरता है तब उसकी वेवलैंथ (तरंग की लम्बाई) में बदलाव आता है। इसी को रमन इफ़ेक्ट (Raman Effect) के नाम से जाना गया।

3.  अमर्त्य सेन (Amartya Sen) :-
वर्ष 1998 में अमर्त्य सेन (Amartya Sen) को अर्थशास्त्र (Economics) में उनके योगदान के लिये नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने अकाल में भोजन की व्यवस्था के लिये अपनी थ्योरी दी। वह पहले भारतीय थे जिन्हें अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिला (first Indian Nobel Prize Winner In Economics)| पिछले चालीस बरसों में तीस से अधिक भाषाओं में उनकी पुस्तकें छप चुकी हैं।

4.  मदर टेरेसा (Mother Teresa):-
45 सालों तक गरीबअसहाय और मरीजों की सेवा में तल्लीन अल्बीनियाई मूल की भारतीय मदर टेरेसा को 1979 में शांति का नोबेल पुरस्कार (Nobel for Peace) मिला। मदर टेरेसा (Mother Teresa) ने भारत में बेसहाराअनाथ और रोगियों की सेवा करके समाज में सेवा का एक उदाहरण पेश किया जिसके चलते उन्हें विश्व शांति का नोबेल मिला।

5.  हरगोबिंद खुराना – (Hargobind Khorana):-
आनुवांशिक कोड (डीएनए) की व्याख्या करने वाले भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक डॉ. हरगोबिंद खुराना को चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Physiology or Medicine) दिया गया। खुराना ने मार्शलनिरेनबर्ग और रोबेर्ट होल्ले के साथ मिलकर चिकित्सा के क्षेत्र में काम किया। उन्हें कोलम्बिया विश्वविद्यालय की ओर से 1968 में ही होर्विट्ज़ पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।

6.  सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर (Subrahmanyan Chandrasekhar):-
1983 में भौतिक शास्त्र(Physics) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर को नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Physics) दिया गया। डॉ. चंद्रशेखर भारतीय मूल (Indian Origin) के अमरीकी नागरिक होने के साथ साथ एक विख्यात खगोल भौतिक शास्त्री थे। उनके सिद्धांत से ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बारे में अनेक रहस्यों का पता चला।।

7.  वेंकटरमन रामाकृष्ण (Venkatraman Ramakrishnan):-
चिकित्सा विज्ञान में महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए भारतीय मूल (Indian Origin) के अमरीकी नागरिक वेंकटरमन रामाकृष्ण को 2009 में रसायन शास्त्र के क्षेत्र में (Nobel Prize in Chemistry) नोबेल मिला। रामाकृष्ण को इजराइली महिला वैज्ञानिक अदा योनोथ और अमरीका के थॉमस स्टीज़ के साथ संयुक्त तौर पर रसायन के नोबेल के लिए सम्मानित किया गया। नोबेल पाने वाले तीनों वैज्ञानिकों ने थ्रीडी तकनीक के ज़रिए समझाया कि किस तरह रिबोसोम्ज़ अलग-अलग रसायनों के साथ प्रतिक्रिया करते हैं|

8. कैलाश सत्यार्थी  ( Kailash Satyarthi ):-
कैलाश सत्यार्थी ( Kailash Satyarthi ) को बाल अधिकारों की रक्षा एंव बाल श्रम के विरूद्ध लड़ाई के लिए वर्ष 2014 में नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया हैउन्होंने बचपन बचाओ आन्दोलन (Bachpan Bachao Andolan) की स्थापना की और विश्व भर में हजारों बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कियाउन्हें पाकिस्तान की मलाला युसुफ़जई (Malala Yousafzai) के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति  पुरुस्कार से सम्मानित किया गया |




नोबेल पुरस्कार - सम्पूर्ण जानकारी (Nobel Prize 2015 GK Trick in Hindi)



नोबेल पुरस्कार प्राप्तकर्ता भारतीयों की GK Trick जानने के लिये ये पोस्ट पढें - 

नोबेल पुरस्कार प्राप्त भारतीय

नोबेल पुरस्कार
नोबेल पुरस्कार नोबेल फाउंडेशन द्वारा स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाने वाला विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है। नोबेल फाउंडेशन का प्रारम्भ 29 जून, 1900 में हुआ। इसका उद्देश्य नोबेल पुरस्कारों का आर्थिक रूप से संचालन करना है। नोबेल के वसीहतनामे के अनुसार उनकी 94% से ज़्यादा वसीहत के मलिक वो लोग है जिन्होंने मानव जाति के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्तम कार्य किया है।

स्थापना
नोबेल पुरस्कार की स्थापना स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बर्नाड (बर्नहार्ड) नोबेल ने 1901 ई. में की थी। अल्फ्रेड बर्नाड (बर्नहार्ड) नोबेल का जन्म 1833 ई. में स्वीडन के शहर स्टॉकहोम में हुआ था। 9 वर्ष की आयु में वे अपने परिवार के साथ रूस चले गये। अल्फ्रेड नोबेल एक अविवाहित स्वीडिश वैज्ञानिक और केमिकल इंजीनियर थे जिसने 1866 ई. में डाइनामाइट की खोज की। स्वीडिश लोगों को 1896 में उनकी मृत्यु के बाद ही पुरस्कारों के बारे में पता चला, जब उन्होंने उनकी वसीयत पढ़ी, जिसमें उन्होंने अपने धन से मिलने वाली सारी वार्षिक आय पुरस्कारों की मदद करने में दान कर दी थी। अपनी वसीयत में उन्होंने आदेश दिया था कि "सबसे योग्य व्यक्ति चाहे वह स्केडीनेवियन हो या ना हो पुरस्कार प्राप्त करेगा।" उनके द्वारा छोड़े गये धन पर मिलने वाला ब्याज उन व्यक्तियों के बीच वार्षिक रूप से बाँटा जाता है, जिन्होंने विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। विश्व के सबसे अधिक गौरवशाली पुरस्कार को 'नोबेल फाउंडेशन' द्वारा मदद प्रदान की जाती है।

मुख्य बिंदु
  • पहले नोबेल पुरस्कार पाँच विषयों में कार्य करने के लिए दिए जाते थे। अर्थशास्त्र के लिए पुरस्कार स्वेरिजेश रिक्स बैंक, स्वीडिश बैंक द्वारा अपनी 300वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में 1967 में आरम्भ किया गया और इसे 1969 में पहली बार प्रदान किया गया। इसे अर्थशास्त्र में नोबेल स्मृति पुरस्कार भी कहा जाता है।
  • पुरस्कार के लिए बनी समिति और चयनकर्ता प्रत्येक वर्ष अक्टूबर में नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा करते हैं लेकिन पुरस्कारों का वितरण अल्फ्रेड नोबेल की पुण्य तिथि 10 दिसम्बर को किया जाता है।
  • प्रत्येक पुरस्कार में एक वर्ष में अधिकतम तीन लोगों को पुरस्कार दिया जा सकता है। इनमें से प्रत्येक विजेता को एक स्वर्ण पदक, डिप्लोमा, स्वीडिश नागरिकता में एक्सटेंशन और धन दिया जाता है।
  • अगर एक पुरस्कार में दो विजेता हैं, तो धनराशि दोनों में समान रूप से बांट दी जाती है। पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की संख्या अगर तीन है तो चयन समिति के पास यह अधिकार होता है कि वह धनराशि तीन में बराबर बाँट दे या एक को आधा दे दे और बाकी दो को बचा धन बराबर बाँट दे।
  • अब तक केवल दो बार मृत व्यकियों को यह पुरस्कार दिया गया है। पहली बार एरिएक्सेल कार्लफल्डट को 1931 में और दूसरी बार संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव डैग डैमरसोल्ड को 1961ई. में दिया गया था।
  • 1974 में नियम बना दिया गया कि मरणोपरांत किसी को नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा।
  • पुरस्कार वितरण 1901 से प्रारंभ किया गया था। 1969 से यह पुरस्कार अर्थशास्त्र क्षेत्र में भी दिया जाने लगा।
  • 1937 से लेकर 1948 ई. तक गाँधी जी को पाँच बार शांति पुरस्कारों के लिए नामित किया गया पर एक बार भी उन्हें इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया।
  •  इंटरनेशनल कमेटी आफ रेड क्रास को शांति का पुरस्कार 3 बार दिया गया है - 1917, 1944, 1963
  •  अब तक चार व्यक्तियों को दो बार नोबल पुरस्कार दिया जा चुका है   
  1. मैडम क्यूरी  (1903 - Physics and 1911 - Chemistry)
  2. जान बरडिन (1956 - Physics and 1972 - Physics)
  3. फ्रेंडरिक सेंगर (1958 - Chemistry and 1980 Chemistry)
  4. लीनस पालिंग  (1954 - Chemistry and 1962 - Pieces (शांति))
इन व्यक्तियों के नाम याद करने के लिये हम आपको एक आसान Trick बता रहै है जिससे कि आपको आसानी से इनके नाम याद हो जायेंगे - 

Nobel Prize 2015 GK Trick in Hindi

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