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I.A.S. Officer बनने के लिये कुछ खास टिप्स





  • सिविल सर्विसेज की तैयारी करने से पहले इस एग्जाम की फिलोसफी को समझना बहुत जरुरी है
  • क्योंकि दिन-रात पढना, अच्छी कोचिंग जाना या सैकड़ों किताबें पढना इस एग्जाम में सफलता की गारंटी नहीं है
  • सफल व्यक्ति का भाषण ना सुनें – तैयारी करने वाले सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे हर सफल व्यक्ति का भाषण बड़े गौर से सुनते हैं और उसे कॉपी करने की कोशिश करते हैं जो बहुत घातक साबित होता है क्योंकि सफल व्यक्ति कभी भी पूरी ईमानदारी से अपनी पढ़ाई का तरीका नहीं बताता
  • वह हर चीज़ को बढ़ा- चढ़ाकर बताता है क्योंकि वह अपने आप को दूसरों से विशेष दिखाना चाहता है
  • हम जो देखते, सुनते और पढ़ते हैं वह हमेशा सही नहीं होता – इसलिए किसी की बात को सुनकर उसपर आँख करके विश्वास मत करो ...ना ही उसकी कॉपी करो
  • जो लोग कहते हैं कि उन्होंने 5 साल तक 18-18 घंटे मेहनत की तब IAS बन पाए हैं ...उनपर दया करो ...क्योंकि मुझे लगता है अगर किसी व्यक्ति को इस एग्जाम को क्लियर करने में इतना समय लगा तो उससे बड़ा गधा इस दुनिया में और कोई नहीं हो सकता
  • जबसे नया पैटर्न आया है यह परीक्षा इतनी आसान हो गई है कि अब 45% अंक लाने पर IAS टॉप कर जाते हैं और 38% मार्क्स आ जाने पर आपका IAS बनना पक्का होता है
  • कभी आपने सोचा कि लोग इस परीक्षा में इतना कम स्कोर क्यों कर पाते हैं ...ध्यान रखिये कि सिलेबस बनाने वाले ना तो मूर्ख हैं और ना ही आपके दुश्मन हैं ....अगर आप कम स्कोर कर रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि आप इस एग्जाम को समझ ही नहीं पाए हैं
  • ये पक्का है कि UPSC आपकी मदद करने के लिए ही बैठा है ... पर सवाल यह है कि आप अपना हाथ आगे बढ़ा पा रहे हैं या नहीं
  • कुछ समय से लगातार यह हौआ बनाया जा रहा है कि सिविल सर्विसेज एक बहुत ही मुश्किल और कठिन एग्जाम है ....और यह हौआ बनाने में मार्केट फोर्सेज का सबसे ज्यादा योगदान हैं ताकि डरकर आप कोचिंग क्लासेज ज्वाइन करो....और सैकड़ों किताबें खरीदो
  • ग्रेजुएट राजा से बड़ा होता है- याद रखिये आप ‘स्नातक’ हैं पर आजकल आप स्नातक की मर्यादा की रक्षा नहीं कर पाते ...उपनिषद में एक सन्दर्भ है कि जब किसी स्नातक की सवारी निकलती थी तो राजा अपनी सवारी सड़क के किनारे रोककर स्नातक को रास्ता देते थे
  • यदि आप में स्नातक हैं तो आपको सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए किसी की मदद की जरुरत नहीं है
  • पर आजकल परेशानी यह है कि लोग केवल परीक्षा में अंक लाने के लिए पढ़ते हैं कुछ सीखने के लिए .....मेरा दावा है कि अगर आपको अपनी 12 वीं तक की पूरी पढ़ाई याद है तो कोई भी आपको सिविल सर्विसेज क्वालीफाई करने से नहीं रोक सकता
  • सिविल सर्विसेज के एग्जाम में 12 वीं तक का ज्ञान व एक ग्रेजुएट की विचार क्षमता का परीक्षण किया जाता है 
  • इस परीक्षा में आपसे वही पूंछा जाता है जिसकी अपेक्षा एक सामान्य व्यक्ति से की जा सकती है
  • हर काम को करने से पहले अपने आप से यह सवाल पूँछिये कि आप यह काम क्यों कर रहे हैं
  • सिविल सर्विसेज की तैयारी में ‘ध्येय’ महत्वपूर्ण है ना कि वहां पहुँचने का तरीका ...इसलिए तैयारी का कोई तरीका सटीक नहीं है ...आपकी नज़र ध्येय पर होनी चाहिए रास्ता अपने आप बनता जाता है
  • IAS ज्ञान की परीक्षा नहीं है – सिविल सर्विसेज में आपका ज्ञान नहीं जांचा जाता बल्कि आपमें वह काबिलियत देखि जाती है जो एक सिविल सेवक में होना चाहिए
  • जो पढ़ते हैं वह आगे कभी काम नहीं आता – IAS की तैयारी के लिए आप जो भी विषय पढ़ते हैं चयनित हो जाने के बाद वो कहीं काम नहीं आते .....अगर कुछ काम आता है तो वह है आपकी स्किल्स ....इसीलिये यह परीक्षा आजकल ज्ञान की जगह व्यक्तित्व की परीक्षा बन गई है
  • UPSC के किसी फॉर्म में आपसे ये कभी नहीं पूंछा जाता कि आपने कौन सी किताबें पढी हैं या आप दिन में कितने घंटे पढ़ते थे ......बल्कि यह पूंछा जाता है कि आपकी हाबीज क्या हैं क्योंकि आपकी हाबीज ही आपके व्यक्तित्व की पहचान हैं
  • ज्ञानी व्यक्ति बहुत बुरे प्रशासक होते हैं – जो व्यक्ति बहुत ज्ञानी होते हैं वो सामान्यतः अच्छा प्रशासन अन्हीं चला पाते इसलिए यह परीक्षा सबसे ज्यादा ज्ञानी लोगों की खोज करने के लिए नहीं है
  • ज्ञानी ही चाहिए होते तो यूनिवर्सिटी टॉपर को ही सीधे IAS बना देते – कितना आसान था UPSC के लिए भी ...अगर उन्हें देश के सबसे ज्ञानी लोगों को IAS बनाना होता तो वे परीक्षा कराने की वजाय सीधे हर यूनिवर्सिटी के टॉपर को ही IAS बना देते
  • अनपढ़ अकबर देश का सबसे अच्छा प्रशासक था – अकबर तो बिलकुल पढ़ा लिखा नहीं था पर उसके शासन को देश के सबसे बेहतरीन प्रशासन के लिए जाना जाता है ...यहाँ तक कि उस समय देश के सबसे बेहतरीन विद्वान् भी उसके नवरत्नों में शामिल थे और अकबर उनके ज्ञान का प्रशासन चलाने में इस्तेमाल करता था ......क्योंकि अकबर में प्रशासनिक क्षमता अच्छी थी
  • कोई अर्थशास्त्री आज तक सफल व्यवसायी नहीं बन पाया – बड़े बड़े अर्थशास्त्री जिन्होंने बिजनेस बढाने की बड़ी बड़ी तरकीबें सुझायीं ....कभी अच्छे व्यवसायी नहीं बन पाए ....क्योंकि उनमें किताबी ज्ञान ज्यादा और व्यवहारिक ज्ञान कम था
  • सिविल सर्विसेज आपके व्यवहारिक ज्ञान की परीक्षा है I व्यवहारिक ज्ञान आपके ऑब्जरवेशन,अनुभव, विश्लेषण और कॉमनसेंस से मिलकर बनता है
  • जो प्रश्न उठाना नहीं जानता व IAS नहीं बन सकता – हर बात जो आप सुनते देखते या देखते हैं उस पर प्रश्न उठाइये...उस पर शक कीजिये ...और जब तक पूरी तरह संतुष्ट ना हो जाएँ तब तक उसे ना मानिए
  • सिविल सर्वेन्ट्स में दो सबसे बड़े गुण होते हैं – ओरिजिनालिटी और डिसीजन मेकिंग
  • UPSC आपमें वह रॉ मटेरियल ढूंढती है जिसे आगे चलकर एक बेहतरीन प्रशासक के रूप में ढाला जा सके
  • IAS की तैयारी मतलब आ बैल मुझे मार – सिविल सर्विस में आने का मतलब है अपने सिर पर और जिम्मेदारियां लेना .....यदि आप जिम्मेदारियों से बचना चाहते हैं या अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों को ही अच्छे से पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो कृपया इस फील्ड में ना आयें
  • देखें ..आप बदलाव के लिए कितने तैयार हैं – सिविल सेवक बनने की चाहत रखने का अर्थ है आप अपनी वर्तमान पहचान बदलकर सिविल सेवक के रूप में पचाने जाना चाहते हो ....याद रखिये कि अगर आप अपनी इमेज बदलना चाहते हैं तो आपको उसके लिए स्वयं में बहुत बदलाव करने की जरुरत है ....क्या आप इन बदलावों के लिए तैयार हैं
  • जो पूंछा जाता है वह किताबों में नहीं है – सिविल सर्विसेज में जो पूंछा जाता है वह किताबों में नहीं होता ....क्योंकि यहाँ वह पूंछा जाता है जो अभी चल रहा है
  • चयन इस आधार पर कि आप नया क्या सोच पाते हैं – सिविल सर्विसेज में आपका चयन इस बात पर निर्भर करता है कि आप किसी भी विषय पर क्या नया सोच पाते हैं ....और कुछ भी नया आप तब सोच पाते हैं जब आप अपना खुद का ऑब्जरवेशन विकसित करते हैं और अपने ऑब्जरवेशन को तार्किक तरीके से लोगों के सामने रख पाते हैं
  • सरल’ सबसे कठिन होता है – IAS में आजकल बहुत आसन प्रश्न पूंछे जाते हैं जिनके उत्तर सबको आते हैं पर सब लिखते अलग अलग हैं ....आपके यही उत्तर आपको दूसरों से अलग दिखाते हैं
 साभार - नीलम मिश्रा & ध्रुव कुमार 



दोस्तो कोचिंग संस्थान के बिना अपने दम पर Self Studies करें और महत्वपूर्ण पुस्तको का अध्ययन करें , हम आपको Civil Services के लिये महत्वपूर्ण पुस्तकों की सुची उपलब्ध करा रहे है –
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College Student, IAS की तैयारी कैसे शुरू करें ?




UPSC सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षा के रूप में माना जाता है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के अंतर्गत कौशल और सफल होने की क्षमता दोनों की ही ज़रूरत होती है। इसी वजह से यह सलाह दी जाती है कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू करने के लिए सबसे अच्छा समय कॉलेज समय होता है, क्योंकि इस दौरान आपके पास अपने विषय से संबंधित सभी अवधारणाओं को मज़बूती से समझने के लिए पर्याप्त समय मिलता है।

लेकिन, अपने कॉलेज समय में भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी करना आसान काम नहीं है!

ज़्यादातर कॉलेज के छात्र, ख़ासकर इंजीनियरिंग के छात्र, अपने कॉलेज प्रोजेक्ट्स, असाइंमेंट्स, टेस्ट आदि में काफी व्यस्त रहते हैं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा के रूप में इस प्रतिस्पर्धी परीक्षा के लिए कम से कम 4-6 घंटे अध्ययन करने की ज़रुरत होती है और सप्ताहांत के दौरान एक विस्तृत संशोधन योजना की आवश्यकता भी होती है।
कॉलेज के दौरान UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कैसे करें से संबंधित हम यहां एक संक्षिप्त परीक्षा तैयारी रणनीति और युक्तियां उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे जिससे आप IAS प्रारंभिक परीक्षा 2016 में सफलता हासिल कर सकें।

कॉलेज के छात्रों के लिए UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए तैयारी गाइड

किसी भी प्रकार की परीक्षा के लिए, पहला कदम लिखित परीक्षा के संदर्भ में चयन पैटर्न, परीक्षा पैटर्न और सिलेबस से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ शुरू होता है।
UPSC IAS परीक्षा को समझना: भारतीय सिविल सेवा परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है, आमतौर पर इसे UPSC के रूप में जाना जाता है। यह परीक्षा देश की सबसे मुश्किल भर्ती परीक्षाओं में से एक है, IASपरीक्षा में शामिल होने के लिए हर उम्मीदवार को स्क्रीनिंग के 3 स्तरों से होकर गुज़रना होता है।
  1. IAS प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ MCQ आधारित)
  2. IAS मुख्य परीक्षा (लिखित परीक्षा)
  3. साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण
इसलिए, पहले आपको अपनी तैयारी UPSC IAS प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करने से शुरुआत करनी चाहिए। यहां हम आपको आपके कॉलेज समय में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए कुछ तैयारी टिप्स बता रहे हैं।

1. NCERT की पुस्तकों के साथ शुरूआत करें

NCERT की पुस्तकें अच्छे ज्ञान का भंडार का स्रोत होने के साथ-साथ एक सरल विधि की परिचायक भी हैं इसलिएNCERT की पुस्तकों के साथ शुरूआत करना एकदम सही क़दम है। इन पुस्तकों की मदद से आप जटिल अवधारणाओं को समझ पाएंगे और है अध्ययन की एक मजबूत नींव का निर्माण करने के लिए मदद करते हैं।
हम आपको अनुशंसित करते हैं कि आप एक नोटबुक बनाएं जिसमें  हर पुस्तक को पढ़ने के बाद आप उसमें से महत्वपूर्ण जानकारियां उसमें नोट करते रहें इससे आपको रीविज़न के दौरान अध्ययन में मदद मिल सके। NCERT की कक्षा छठी से बारहवीं की पुस्तकों को पढ़ने के बाद, आप अधिक विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए आगे बढ़ सकते हैं। NCERT की पुस्तकों के बाद आप भारतीय राजनीति के लिए लक्ष्मीकांत, आज़ादी के पूर्व और आज़ादी के बाद के विस्तृत अध्ययन आदि के लिए बिपिन चन्द्र की स्नातक स्तर की पुस्तकें पढ़ सकते हैं।

2. दैनिक करंट अफेयर्स और न्यूज डाइजेस्ट पर आधारित पुस्तकें

आसपास की नवीनतम घटनाओं के बारे में पता करने के लिए कोई विकल्प मौजूद नहीं है। मनोरमा और जिस्ट पत्रिकाएं मौजूदा मामलों से संबंधित संक्षिप्त विश्लेषण उपलब्ध कराएंगी लेकिन दैनिक समाचार-पत्र पढ़ने से लेखन कौशल में सुधार करने से निबंध लेखन में काफी हद तक मदद मिलेगी। ‘द हिंदू’ और ‘इंडियन एक्सप्रेस’ IAS उम्मीदवारों के लिए बहुत प्रसिद्ध समाचार-पत्र हैं।
हालांकि, यह बेहद महत्वपूर्ण बात है कि आप समाचार-पत्र को सही तरीके से पढ़ने की कला को जानते हों यानि आपकोIAS परीक्षा के लिए चुनिंदा प्रासंगिक विषयों पर ध्यान केंद्रित करना होगा और समाचार-पत्र की अनावश्यक सामग्री को छोड़ देना चाहिए जिससे समय की बर्बादी न हो सके।
हम समाचार-पत्र पढ़ने के सही तरीक़े को आपके समक्ष रखने जा रहे हैं जोकि महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित है जिसे आप एक नोटबुक की मदद से दैनिक रुप से नोट कर सकते हैं। इस नोटबुक को हमने आठ श्रेणियों में विभाजित किया है:
  • अंतर्राष्ट्रीय संबंध (एशिया और आसपास)
  • अंतर्राष्ट्रीय संबंध (अमेरिका और दुनिया)
  • सरकारी नीतियां और योजनाएं
  • व्यक्तित्व
  • पुरस्कार
  • खेल
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठन
  • सामाजिक मुद्दे
  • आर्थिक नीतियां
  • रक्षा
इससे आपको नवीनतम घटनाओं पर कड़ी नजर रखने और उन्हें आसानी से याद करने में मदद मिलेगी।

3. तैयारी करने की अपनी अनोखी शैली विकासित करना

भारतीय प्रशासनिक सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करना किसी रोमांच से कम नहीं है, इसलिए आपको अपनी स्नातक स्तर की पढ़ाई की अवधि के दौरान अपनी ज़िम्मेदारी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। UPSC अच्छे स्नातक ग्रेड की सराहना करता है। आपके स्नातक स्तर की पढ़ाई के दौरान आपके द्वारा चुने गए विषय की जानकारी साक्षात्कार के दौर में काम आ सकती है। स्नातक स्तर के विषय से संबंधित सिलेबस पर पूरा ध्यान केंद्रित करें इससे आपके द्वारा चुने गए वैकल्पिक विषयों की तैयारी करने में आपकी मदद हो सकेगी।

IAS की तैयारी के लिए इस सामग्री के साथ आगे बढ़ें और कभी-कभी आपके साथियों का दबाव आपको एक बार फिर पूरे पाठ्यक्रम में कूदने के लिए कह सकते हैं। आपको इस बात को समझना होगा कि अनावश्यक सामग्री की दिशा में आगे बढ़ना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है और आपको कन्फ्यूज़न की स्थिति में भी डाल सकता है। मल्टी-टॉस्किंग से बचते हुए एक समय में एक विषय को ही चुनें, इससे आप उस विषय पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। एक साथ कई विषयों को चुनना आपकी एकाग्रता को नष्ट कर सकता है जिसके परिणामस्वरुप आपका रिज़ल्ट भी निचले स्तर का हो सकता है।

4. एक वैकल्पिक विषय का चयन

परीक्षा के परीक्षा पैटर्न के अनुसार, आपको केवल मुख्य परीक्षा के लिए एक वैकल्पिक विषय का चयन करना होता है। मुख्य परीक्षा के विषय के चयन के लिए कॉलेज का समय एक सही समय होता है।
अधिकांश छात्रों को पहले ये जांच लेना चाहिए कि उनके स्नातक / स्नातकोत्तर विषय मुख्य परीक्षा में एक वैकल्पिक विषय के रूप में पेश किए गए हैं कि नहीं। यदि हां, तो फिर वे अपने स्नातक स्तर की पढ़ाई के अधीन या किसी अन्य अपनी रुचि के अनुसार विषय का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं। यहां वैकल्पिक विषय के चयन के लिए मापदंड की एक सूची है:
  • जब आप जनरल स्टडीज़ के पेपर (प्रारंभिक) का अध्ययन करते हैं, आप अपनी रुचि और समझ के अनुसार अपनी पसंद के एक विषय का चयन कर सकते हैं।
  • आप एक विषय के चयन के बाद, आप उस विषय के पिछले साल सवालों के माध्यम से आप अपनी तैयारी करने का मन बना सकते हैं।
  • जब आप निबंध लेखन शुरू करेंगे तब आप एक विशेष वैकल्पिक विषय के लिए आवश्यक पैटर्न और लेखन शैली के बारे में जान जाएंगे।
  • आपके द्वारा चुने गए वैकल्पिक विषय के निर्धारण में उससे संबंधित अध्ययन सामग्री और अन्य संसाधनों की उपलब्धता भी एक पहलू है।
  • जनरल स्टडीज़ के पेपर में एक वैकल्पिक विषय का वेटेज एक और पहलू है जो आपकी अपनी पसंद को प्रभावित कर सकता है।
अंत में, एक कॉलेज के छात्र के रूप में, अब आप ये जान गए हैं कि IAS परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए एक लंबी और बहुस्तरीय प्रक्रिया है जिसके लिए कड़ी मेहनत और लगन की आवश्यकता है। जबकि कॉलेज समय सिविल सेवा के अपने लक्ष्य को पूरा के लिए अध्ययन शुरू करने के लिए सही समय है, इसलिए इस लंबी प्रक्रिया से आप अपना आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए। शुभकामनाएं!



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Civil Service परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण Book List




अगर आप civil service की तयारी कर् रहे है तब यह post आपके लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी|civil service की तयारी में हिंदी माध्यम के student का सबसे बड़ा सवाल Books,Magazine और Newspaper को लेकर होता है | वही  English Medium के Students के लिए तो Market और Internet पर अच्छा Study Material मिल जाता है लेकिन Hindi Medium के Students के लिए मुश्किल |आजकल Market मे एक ही Subject की ढेर सारी Books उपलब्ध है ,कई सारे Newspaper और Magazine भी उपलब्ध है |अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हम कोन सी पुस्तकों का चयन करे जो हमें अपनी मंजिल तक पंहुचा सके |civil service कि तयारी में Newspaper और Magazine का बहुत ही अहम् योगदान होता है |इनकी सहायता से हम लगभग आधे GS की तयारी कर लेते है |इसके अलावा Newspaper और Magazine आपको लगातार Update बने रहने में Help करती हे |हम आपको उपयोगी पुस्तकों की विषय बार सूची उपलब्ध करा रहे है जो आपको civil सेवा परीछा के लिए उपयोगी है –
IMPORTANT BOOKS
विषयलेखक का नाम
आधुनिक भारत इतिहासविपिन चंद्रा,Old NCERT’s (11th & 12th stds.)
प्राचीन भारत का इतिहासआर. एस. शर्मा
मध्यकालीन भारत का इतिहाससतीश चन्द्र
आजादी के लिए भारत के संघर्षविपिन चंद्रा
विश्व का इतिहासदीनानाथ वर्मा
 भारत एवं विश्व का भूगोलमहेश कुमार वर्णवाल,NCERT’s (11th & 12th books),Oxford School Atlas
भारतीय राजनीति और शाशनएम. लक्ष्मीकान्त, 9TH to 12 th NCERT’s books (old & new),डी.डी बासु या ब्रज किशोर शर्मा
अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्धबी.एल.फड़िया
भारतीय अर्थव्यवस्थारमेश सिंह,एस.एन. लाल ,NCERT’s (old, 11th & 12th stds.)
भारतीय कला और संस्कृतिस्पेक्ट्रम
विज्ञान एवं प्रोध्योगिकी स्पेक्ट्रम या विवास पनोरमा
सामान्य विज्ञान6TH-12TH stds. NCERT’s
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकीNCERT 12th जीव विज्ञान, IGNOU के नोट्स
समाचार पत्रTHE HINDU[ENGLISH],दैनिक भास्कर,दैनिक जागरण
पत्रिकाएँसिविल सर्विसेज क्रोनिकल,सिविल सर्विसेज टाईम्स CST,अरिहंत समसामयिकी महासागर,प्रतियोगिता दर्पण
अन्य पत्रिकाएंकुरुक्षेत्र,योजना,अहा जिंदगी!,विज्ञान प्रगति,इंडिया टुडे
 वार्षिक Booksभारत एवं मनोरमा इयर बुक



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(IAS) आईएएस की तैयारी कैसे करे - सफलता के मंत्र






(IAS) आईएएस की तैयारी कैसे करे - सफलता के मंत्र

दोस्तों ,अगर आपने ने भी संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा को पास करने का दृढ़ निश्चय कर लिया है तो आपके इस दृढ़ निश्चय में इस आर्टिकल के माध्यम से आपको अवश्य ही सहायता प्राप्त होगी | आपको इस इस आर्टिकल के माध्यम से अपना (IAS) आईएएस बनने का सपना पूरा करने में अवश्य सफल होंगे | 



संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित एवं कठिन परीक्षाओं में से एक होती है | देश के करोड़ो युवा (IAS) आईएएस बनने का सपना देखते हैं, परन्तु इसकी परीक्षा प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए इसके लिए सफलता हेतु एक अच्छी रणनीति के साथ अच्छी तैयारी की भी आवश्यकता पड़ती है | इस परीक्षा में सफलता प्राप्त हेतु आपको कुछ टिप्स दी जा रही है जिनके माध्यम से आपको सफलता प्राप्त होगी-




इस परीक्षा हेतु तैयारी-

तैयारी हेतु आवश्यक समय-
यह माना जाता है कि इस परीक्षा के तैयारी हेतु समय 2 या 3 वर्ष का समय पर्याप्त होता है लेकिन अभ्यर्थी को यदि विषयवस्तु की आधारभूत समझ नहीं है तो स्टूडेंट को इस परीक्षा में कभी भी सफलता नहीं प्राप्त हो सकती है | यदि 2 या 3 साल में स्टूडेंट इस परीक्षा पर अच्छा फोकस बनाकर अच्छी तैयारी करने में कामयाबी हासिल कर सकता है | यह समय आईएएस की परीक्षा हेतु पर्याप्त माना जायेगा |


विषय वस्तु-
यदि स्टूडेंट सही विषय वस्तु का चयन करता है तो उसे  तैयारी करने में काफी आराम दायक सिद्ध होगा तथा अच्छी तैयारी करने में अग्रसर होता है | स्नातक शिक्षा के दौरान छात्र विषयवस्तु के आधार पर अपनी समझ को बढ़ा सकता है | NCERT की किताबों का अध्ययन इसके लिए लाभदायक हो सकता  है | इसके द्वारा छात्र अपनी आधारभूत समझ के साथ अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता और भाषायी कौशल का भी विकास करने में सक्षम रहता है |


पाठ्यक्रम-
किसी भी परीक्षा के तैयारी हेतु उसके पाठ्यक्रम को देखना सबसे महत्वपूर्ण होता है | हमें अध्ययन पाठ्क्रम के अनुसार ही करना चाहिए | IAS  परीक्षा संबंधी पाठ्यक्रम के सभी विषयों पर नजर रखते हुए , विषय जैसे-- हिंदी, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन शास्त्र, जीवविज्ञान, गणित, आंकड़े, लेखांकन, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, बिजनेस स्टडीज विषय होते है | जिन पर फोकस करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है |


अन्य वस्तुओं से तैयारी में सहायता-
इस परीक्षा हेतु और भी काफी चीजों से हम तैयारी करने हेतु सहायता प्राप्त कर सकते है | जैसे-  यदि छात्र स्नातक से एक राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र जैसे की - दैनिक जागरण या अन्य कोई समाचार पत्र  ,पढ़ने की आदत डाल ले तो, वह समसामयिक मुद्दो की जानकारी तो एकत्रित करेगा ही बल्कि परीक्षा में सफलता  हेतु संभावना भी बढ़ जाएगी । 

साथ ही टीवी या अन्य किसी माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन सुनना भी परीक्षा के दृष्टिकोण से लाभदायक सिद्ध हो सकता है | इसके अलावा इंटरनेट या किसी कोचिंग की सहायता ले रहें है तो यह भी आपकी तैयारी हेतु गलत नहीं माना जायेगा |


आत्म विश्वास बनाये रखें-
IAS की तैयारी हेतु सबसे महत्वपूर्ण होता है कि हमारे अंदर आत्मविश्वास की कमी नहीं होनी चाहिए | हमें इस परीक्षा की तैयारी के दौरान हमें मोटिवेशनल बुक्स का भी बीच-बीच में सहायता ले लेनी चाहिए | बिना आत्मविश्वास के यह परीक्षा पास करना तो संभव ही नहीं है | इसलिए आत्मविश्वाश कभी भी कम न होने दें, अपने घरवालो , अच्छे दोस्तों या किसी अध्यापक की भी सहायता मोटीवेट होने के लिए ले सकते हैं |


दोस्तों , उपरोक्त दी गई टिप्स के माध्यम से आपको IAS की परीक्षा की तैयारी करने में आपको अवश्य सहायता प्राप्त होगी | इस आर्टिकल के माध्यम से आप अपना IAS बनने का सपना जरूर पूरा कर सकते हैं | 


यदि अभी भी आपके मन में करियर से रिलेटेड कोई प्रश्न है तो आप आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने सवालों को पूछ सकते हैं, आपके सवालों, प्रतिक्रिया और सुझाव का हमें हमेशा इंतज़ार रहेगा | यदि आपको ये आर्टिकल पसंद आया हो तो हमारे फेसबुक पेज को like करना न भूले |





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परीक्षा में सफलता पाने के के 20 Tips

20 Study Tips in Hindi 

बोर्ड की परीक्षाओं का परिणाम आते ही जहाँ सामान्यतः चारों तरफ़ विद्यार्थियों में ख़ुशी की लहर दौड़ जाती है, वहीं   न्यूज़ पेपर्स और टीवी चैनल्स पर कुछ दुखद समाचार भी सामने आते हैं, जहाँ विद्यार्थी अच्छे नंबर ना आने और मानसिक दबाव के कारण आत्महत्या तक कर बैठते हैं | यह एक बहुत ही गंभीर विषय है क्योंकि विद्यार्थी आत्महत्या के मामलों में हम प्रथम स्थान पर हैं |
दोस्तों, कहा जाता है कि “अभ्यास में जितना अधिक पसीना बहाओगे, युद्ध में उतना ही खून कम बहेगा” | वैसे आज के प्रतियोगिता भरे युग में, पढ़ाई करना और अच्छे नम्बरों से पास होना किसी लड़ाई से कम नहीं रह गया है | बात तो बहुत सीधी सी है कि अगर आपको ये लड़ाई जीतनी है तो इसके लिए पहले से रणनीति बनाने और उसके अनुरूप तैयारी करने की आवश्यकता है |
आमतौर पर सही मार्गदर्शन के अभाव में विद्यार्थी ठीक ढ़ंग से तैयारी नहीं कर पाते और परीक्षा का समय नजदीक आते ही उनमें चिंता और घबराहट बढ़ने लगती है | किसी भी परीक्षा की तैयारी करने और सफल होने के कुछ सूत्र यहाँ दिए गए हैं |
सफ़लता के सूत्र
1. काम को टालने की आदत छोड़े
मित्रों, यदि आप वास्तव में सफल होना चाहतें हैं तो आपको कार्यों को टालने की आदत का त्याग करना होगा | जो कार्य ज़रूरी है , उसे सही समय पर करें | आपने सुना होगा कि “काल करे सो आज कर , आज करे सो अब , पल में परलय होएगी ,बहुरि करेगा कब” | जिसका मतलब है कि हमें कल के काम को आज और आज के काम को अभी कर लेना चाहिए |
लेकिन आज के युवाओं ने एक नए दोहे को जन्म दे दिया है | उनका कहना है कि “आज करे सो काल कर , काल करे सो परसों, इतनी जल्दी क्यों करे , अभी पड़े हैं बरसों” | दोस्तों पर सच्चाई क्या है , ये हम सभी जानते है | इसलिए हमें काम को टालना नहीं चाहिए बल्कि सभी जरूरी काम समय पर करने चाहियें |
2. अध्ययन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करें
पढ़ाई करने के लिए एक उपयुक्त एवं शांत जगह का चुनाव करना बहुत ज़रूरी है | पढ़ाई का स्थान ऐसा होना चाहिए जहाँ पर पूरी एकाग्रता और शांत मन से बैठकर पढ़ा जा सके | यदि घर छोटा हो या घर में ऐसा कोई उपयुक्त स्थान ना हो तो घर के बाहर किसी शांत जगह , किसी दोस्त के घर या किसी पुस्तकालय (Library) में जाकर पढ़ना ज्यादा अच्छा होगा |
3. पढ़ाई के लिए समय सारणी बनाएं
जो भी विद्यार्थी सफल होना चाहता है उसके लिए आवश्यक है कि वह पढ़ाई के लिए निर्धारित किये गए समय की एक समय सारणी (Time Table) बनाएं | उस समय सारणी में हर विषय के लिए एक निश्चित समय आवंटित करें | एक सही समय सारणी बनाने पर ही आप हर विषय पर सही ध्यान दे पायेंगे | दोस्तों , केवल समय सारणी बना लेना ही पर्याप्त नहीं है , उसका पालन करना भी ज़रूरी है |
4. खेल कूद एवं मनोरंजन के लिए समय दें
एक विद्यार्थी के सर्वांगिक विकास (Comprehensive Development ) के लिए ज़रूरी है कि उसे पढ़ाई के साथ साथ खेल कूद और अपने मनोरंजन के लिए भी समय देना चाहिए | खेल कूद से शारीरिक विकास होता है | घर के अन्दर भी आप बुद्धिवर्धक खेलों ( Memory Improvement Games ) का आनंद ले सकते हैं |
5. बड़े कार्यों को छोटे छोटे भागों में बाँटें
कोई भी बड़ा कार्य जब हम करने लगते हैं तो शुरुआत में बहुत कठिन और असंभव लगता है | लेकिन जब हम उसे छोटे छोटे टुकड़ों में बाँट देते हैं और तो वही काम आसान हो जाता है | इसी प्रकार पढ़ाई में भी बड़े Chapter या Formula को छोटे भागों में बाँट कर आसान बनाया जा सकता है | इससे पढ़ना आसान और रुचिकर हो जाता है |
6. अपने ऊर्जा स्तर को जानें
दिन में अलग अलग समय पर हर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक उर्ज़ा का स्तर अलग हो सकता है | उदाहरण के तौर पर कुछ लोग सुबह के समय ज्यादा Fresh और Energetic महसूस करते हैं तो कुछ लोग शाम को या फिर रात के समय | कुछ लोगों को सुबह उठ कर पढ़ा हुआ ज्यादा याद रहता है तो कुछ को देर रात को पढ़ा हुआ | तो जिस समय आप अपने को ज्यादा Fresh और उर्ज़ावान महसूस करते हैं, वह समय आप अपनी पढ़ाई के लिए रखें |
7. पढ़ाई के बीच अल्प विश्राम लें
पढ़ाई करते समय आपका दिमाग थक जाता है | जब भी आप थकान महसूस करें तो एक अल्प विश्राम (Short Break) ज़रूर लें | आमतौर पर पढ़ाई करते समय 30 से 40 मिनट के बाद आपको थोड़ा आराम करना चाहिए |
8. मुख्य बिन्दुओं को Highlight करें
जब भी आप पढ़ाई करने बैठें, तो अपने साथ एक Highlighter Pen हमेशा रखें | अगर आपको कोई महत्वपूर्ण नाम, तिथि, स्थान या वाक्य दिखाई देता है तो तुरंत उसे Highlight कर लीजिये | इस तरह से Revision करते समय आपको काफ़ी मदद मिलेगी |
9. अपना लक्ष्य निर्धारित करें
जीवन में अपनी पढ़ाई के लक्ष्य निर्धारित कीजिये | आप कौन सा Chapter या किताब कितने दिनों में ख़त्म करना चाहते हैं, कौन से Subjects पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है अथवा अपने मनपसंद कॉलेज में जाने के लिए कितने प्रतिशत अंकों की ज़रूरत होगी | इस प्रकार अपनी पढ़ाई के लक्ष्यों तो तय करना बहुत ज़रूरी है | अगर आप हर हफ्ते, महीने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए पढ़ाई करेंगे तो साल के अंत में बिना घबराहट के सही ढंग से परीक्षा की तैयारी कर पायेंगे |
10. सभी ज्ञानेन्द्रियों (Senses) को सम्मिलित करें
अपनी पाँचों ज्ञानेन्द्रियों (कान, नाक, आँख, जीभ और त्वचा) का यथासंभव प्रयोग अपनी पढ़ाई में करें | किताब में छपे पिक्चर और चार्ट्स आदि को ध्यान से देखें | यदि संभव हो तो लैब में Practical करें या विषय से सम्बंधित मॉडल को छू कर देखें | आजकल किताबों के साथ CD भी आती है | इन CDs से भी विषय को समझने में काफ़ी मदद मिलती है |
11. बुद्धिवर्धक तकनीकों का प्रयोग करें
यदि आप बुद्धिवर्धक तकनीकों (Memory Improvement Techniques) के बारे में जानते हैं या आपने इन्हें कहीं से सीखा है, तो इनका प्रयोग अपनी पढ़ाई में ज़रूर करिये | ये Techniques बहुत ही वैज्ञानिक और रिजल्ट ओरिएंटेड होती हैं |
12. संतुलित भोजन करें
एक पुरानी कहावत है “जैसा अन्न , वैसा मन”, जिसका अर्थ है कि व्यक्ति जैसा अन्न खाता है वैसा ही उसका मन और शरीर बनता है | यह बहुत ज़रूरी है कि आप संतुलित भोजन लें | कोल्ड ड्रिंक्स और पिज़्ज़ा व बर्गर जैसे जंक फ़ूड से बचें | भोजन का सही तरीका है कि आप सुबह का नाश्ता भारी , दोपहर का भोजन उससे हल्का और रात का भोजन उससे भी हल्का लें | यदि संभव हो तो रात के भोजन में केवल सलाद (Salad) और द्रव्य पदार्थ (Liquids) ही लें |
13. शरीर को स्वस्थ रखें
क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मन निवास करता है, इसलिए सुबह के समय सैर पर जायें और अपने सामर्थ्य के अनुसार व्यायाम(Exercise) करें | जितना स्वस्थ आपका शरीर होगा, उतने ही आप एक्टिव और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे |
14. प्रश्नों का उत्तर खोजें
यदि आपके मन में कोई प्रश्न है या किसी प्रश्न का उत्तर आपको समझ नहीं आता तो निसंकोच अपने अध्यापक से सहायता मांगें | हो सकता है कि ज्यादा या बार बार प्रश्न पूछने के लिए आपके अध्यापक आपको डांट दें, पर विश्वास कीजिये कि जो विद्यार्थी वास्तव में सीखने की इच्छा रखता है उसे सभी टीचर्स पसंद करते हैं और उसकी मदद के लिए सदा तैयार रहते हैं |
15. सभी संसाधनों का प्रयोग करें
पढ़ाई के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों (Resources) का भरपूर प्रयोग करें | किताबों को ध्यान से पढ़ें, पुस्तकालय (Library) में जायें, अपने अध्यापकों और अभिभावकों से सहायता लें, दोस्तों और बड़े भाई-बहन से मदद मांगें, इन्टरनेट और टेलीविज़न आदि सभी उपलब्ध संसाधनों का सकारात्मक प्रयोग अपनी पढ़ाई के लिए करें |
16. ब्लेंक कार्ड्स (Blank Cards) का प्रयोग करें
पढ़ते समय किसी विशेष बात या किसी उत्तर के मुख्य बिन्दुओं (Main Points) को लिखने के लिए आप छोटे छोटे साइज़ के ब्लेंक कार्ड्स या पर्चियों का प्रयोग कर सकते है | ये कार्ड्स आपको revision करते समय काफ़ी मददगार साबित होंगे | परंतु सावधान, इसका अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए की आप इन्हें परीक्षा के समय नकल (Cheat Notes) के रूप में प्रयोग करें |
17. स्वयं को प्रोत्साहित करें
परीक्षा भवन में जाने से पूर्व स्वयं को प्रोत्साहित (Motivate) करें | जीवन की उन घटनाओं को याद करें, जब आप सफल हुए थे | अपने आप को विश्वास दिलाएं कि आप पहले भी कठिन परिस्थितियों एवं परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं | इस परीक्षा में भी आप ज़रूर अच्छे अंकों के साथ सफल होंगे | इस प्रकार के सकारात्मक विचारों से आपका मनोबल बढ़ेगा और आप परीक्षा में अधिक बेहतर प्रदर्शन कर पायेंगे |
18. प्रश्नपत्र को ध्यान पूर्वक पढ़ें
जब भी आप कोई परीक्षा देते हैं तो उत्तर लिखना शुरू करने से पहले, प्रश्नपत्र को कम से कम दो बार ध्यानपूर्वक पढ़ लें | यह सुनिश्चित कर लें कि प्रश्न क्या है और उसका सही उत्तर क्या होगा | कई बार घबराहट में हम प्रश्न समझ ही नहीं पाते और गलत उत्तर लिख देते हैं |
19. अधिक मात्रा में जल लें
विज्ञान इस बात को प्रमाणित कर चुका है कि शरीर में जल का स्तर जितना अधिक रहता है, उतना ही हमारा मस्तिष्क अधिक कुशलता के साथ कार्य करता है | इस लिए अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिये | पढ़ाई करते समय अपने पास पानी की एक बोतल रखनी चाहिए | अगर संभव हो तो परीक्षा केंद्र (Examination Centre) में भी अपने साथ एक पानी की बोतल ले कर जायें और समय-समय पर पानी पीते रहें |
20. शांत हो जायें
परीक्षा में यदि उत्तर याद करने में कठिनाई हो तो घबराने कि आवश्यकता नहीं है | घबराहट से स्थिति और अधिक  बिगड़ सकती है | आँखें बंद करके कुछ पल के लिए चुपचाप बैठ जायें और गहरी सांस लें | इससे आपके मन को शांत करने में सहायता मिलेगी | फिर धीरे-धीरे उत्तर याद करने की कोशिश करें | जो भी मुख्य बिंदु (Main Point) याद आये उसे कागज़ पर लिख लें |

आज के इस प्रतिस्पर्धा से भरे युग में हर व्यक्ति प्रथम स्थान पर आना चाहता है | हर व्यक्ति सफल होना चाहता है | सफ़लता की परिभाषा हर किसी के लिए अलग – अलग हो सकती है और होनी भी चाहिए | जब भी हम छोटी – छोटी सफलताएं अर्जित करते हैं तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ता चला जाता है , परन्तु जब हमें किसी हार का सामना करना पड़ता है तो हम हतोत्साहित हो जाते हैं | हमें यह समझने की आवश्यकता है कि जीवन एक ई.सी.जी. ग्राफ की तरह है | जब तक ई.सी.जी. ग्राफ ऊपर नीचे जाता रहता है , तब तक हमारा ह्रदय काम करता रहता है परन्तु जब एक सीधी रेखा दिखाई देने लगती है तो हृदय काम करना बंद कर देता है और जीवन का अंत हो जाता है |
उसी प्रकार यदि जीवन में उतार- चढ़ाव न हों तो जीवन रसहीन हो जाता है | इसलिए जीवन में असफलताओं का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की सफलताओं का | असफलताओं से लड़ते हुए जब आदमी सफ़लता प्राप्त करता है, तभी वह उसका पूर्ण आनंद ले सकता है |
जीवन में सफ़लता प्राप्त करने की लिए यह अति आवश्यक है कि हम अपने मन को असफलता के डर से ग्रसित न होने दें | क्योंकि जिस व्यक्ति की मन में यह भय बैठ जाता है की वह जीवन में कुछ नहीं कर पाएगा, तो फिर उसके लिए सफल होना कठिन हो जाता है | इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि हम इस तरह की मानसिकता का त्याग आज और अभी कर दें |
आपके उज्जवल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ |
साभार - प्रवीण कुमार सिंह (माइंड ट्रेनर एण्ड लाइफ कोच)   






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